
परमावहिवरखेत्तेणवहिदउक्कस्सओहिखेत्तं तु।
सव्वावहिगुणगारो, काले वि असंखलोगो दु॥419॥
अन्वयार्थ : उत्कृष्ट अवधिज्ञान के क्षेत्र में परमावधि के उत्कृष्ट क्षेत्र का भाग देने से जो लब्ध आवे उतना सर्वावधिसंबंधी क्षेत्र के लिये गुणकार है। तथा सर्वावधिसंबंधी काल का प्रमाण लाने के लिये असंख्यात लोक का गुणकार है ॥419॥
जीवतत्त्वप्रदीपिका