
इच्छिदरासिच्छेदं, दिण्णच्छेदेहिं भाजिदे तत्थ।
लद्धमिददिण्णरासीणब्भासे इच्छिदो रासी॥420॥
अन्वयार्थ : विवक्षित राशि के अर्धच्छेदों में देयराशि के अर्धच्छेदों का भाग देने से जो लब्ध आवे उतनी जगह देयराशि का रखकर परस्पर गुणा करने से विवक्षित राशि का प्रमाण निकलता है ॥420॥
जीवतत्त्वप्रदीपिका