आवलिअसंखभागा, जहण्णदव्वस्स होंति पज्जाया।
कालस्स जहण्णादो, असंखगुणहीणमेत्ता हु॥422॥
अन्वयार्थ : जघन्य देशावधि के विषयभूत द्रव्य की पर्याय आवली के असंख्यातवें भाग प्रमाण है तथापि जघन्य देशावधि के विषयभूत काल का जितना प्रमाण है उससे असंख्यातगुणा हीन जघन्य देशावधि के विषयभूत भाव का प्रमाण है॥422॥

  जीवतत्त्वप्रदीपिका