जीवतत्त्वप्रदीपिका
सोहम्मीसाणाणमसंखेज्जाओ हु वस्सकोडीओ।
उवरिमकप्पचउक्के पल्लासंखेज्जभागो दु॥435॥
जीवतत्त्वप्रदीपिका