
सव्वेसिं सुहुमाणं, कावोदा सव्वविग्गहे सुक्का।
सव्वो मिस्सो देहो, कवोदवण्णो हवे णियमा॥498॥
अन्वयार्थ : सर्व ही सूक्ष्म जीवों का शरीर कपोतवर्ण है। सभी जीव विग्रहगति में शुक्लवर्ण ही हैं। पुनश्च, सभी जीव अपनी पर्याप्ति के प्रारंभ के प्रथम समय से लेकर शरीरपर्याप्ति की पूर्णता तक की जो अपर्याप्त अवस्था है वहाँ कपोतवर्ण ही है, मऐसा नियम हैंङ्क ॥498॥
जीवतत्त्वप्रदीपिका