
अवरो जुत्ताणंतो, अभव्वरासिस्स होदि परिमाणं।
तेण विहीणो सव्वो, संसारी भव्वरासिस्स॥560॥
अन्वयार्थ : जघन्य युक्तानन्तप्रमाण अभव्य राशि है और संपूर्ण संसारी जीवराशि में से अभव्यराशि का प्रमाण घटाने पर जो शेष रहे उतना ही भव्यराशि का प्रमाण है ॥560॥
जीवतत्त्वप्रदीपिका