अवरा पज्जायठिदी, खणमेत्तं होदि तं च समओ त्ति।
दोण्हमणूणमदिक्‍कमकालपमाणं हवे सो दु॥573॥
अन्वयार्थ : द्रव्यों के जघन्य पर्याय की स्थिति क्षणमात्र है। क्षण नाम समय का है। समीप तिष्ठनेवाले दो परमाणु मंद गमनरूप से परिणत होकर जितने काल में परस्पर उल्लंघन करते हैं, उस काल प्रमाण का नाम समय है ॥573॥

  जीवतत्त्वप्रदीपिका