जीवतत्त्वप्रदीपिका
बादरबादर बादर, बादरसुहमं च सुहमथूलं च।
सुहमं च सुहमसुहमं धरादियं होदि छब्भेयं॥603॥
अन्वयार्थ :
बादरबादर, बादर, बादरसूक्ष्म, सूक्ष्मबादर, सूक्ष्म, सूक्ष्मसूक्ष्म इस तरह पुद्गलद्रव्य के छह भेद हैं, जैसे उक्त पृथ्वी आदि ॥603॥
जीवतत्त्वप्रदीपिका