जीवतत्त्वप्रदीपिका
आसवसंवरदव्वं समयपबद्धं तु णिज्जरादव्वं।
तत्तो असंखगुणिदं, उक्कस्सं होदि णियमेण॥644॥
अन्वयार्थ :
आस्रव और संवर का द्रव्यप्रमाण समयप्रबद्धप्रमाण है और उत्कृष्ट निर्जराद्रव्य समयप्रबद्ध से नियम से असंख्यातगुणा है ॥644॥
जीवतत्त्वप्रदीपिका