
बंधो समयपबद्धो, किञ्चूण दिवड्ढमेत्तगुणहाणी।
मोक्खो य होदि एवं, सद्दहिदव्वा दु तच्चट्ठा॥645॥
अन्वयार्थ : बंध द्रव्य भी समयप्रबद्ध प्रमाण ही है। और मोक्षद्रव्य किंचित् हीन डेढ़ गुणहानि से गुणित समयप्रबद्ध प्रमाण होता है। इसप्रकार तत्त्वार्थों का श्रद्धान करना चाहिये ॥645॥
जीवतत्त्वप्रदीपिका