
देवेहिं सादिरेगो, रासी सण्णीण होदि परिमाणं।
तेणूणो संसारी, सव्वेसिमसण्णिजीवाणं॥663॥
अन्वयार्थ : देवों के प्रमाण से कुछ अधिक संज्ञी जीवों का प्रमाण है। संपूर्ण संसारी जीवराशि में से संज्ञी जीवों का प्रमाण घटाने पर जो शेष रहे उतना ही समस्त असंज्ञी जीवों का प्रमाण है ॥663॥
जीवतत्त्वप्रदीपिका