
अंगुलअसंखभागो, कालो आहारयस्स उक्कस्सो।
कम्मम्मि अणाहारो, उक्कस्सं तिण्ण समया हु॥670॥
अन्वयार्थ : आहारक का उत्कृष्ट काल सूच्यंगुल के असंख्यातवें भागप्रमाण है। कार्मण शरीर में अनाहार का उत्कृष्ट काल तीन समय का है और जघन्य काल एक समय का है। तथा आहारक का जघन्य काल तीन समय कम श्वास के अठारहवें भाग प्रमाण है क्योंकि विग्रहगतिसंबंधी तीन समयों के घटाने पर क्षुद्रभव का काल इतना ही अवशेष रहता है ॥670॥
जीवतत्त्वप्रदीपिका