अज्जज्जसेणगुणगणसमूहसंधारिअजियसेणगुरु।
भुवणगुरुजस्स गुरुसो राओ गोम्मटो जयउ॥734॥
अन्वयार्थ : श्री आर्यसेन आचार्य के अनेक गुणगण को धारण करनेवाले और तीनलोक के गुरु श्री अजितसेन आचार्य जिसके गुरु है वह श्री गोम्मट राजा जयवन्त रहो ॥734॥
जीवतत्त्वप्रदीपिका