तसऽसंजमवज्जिता सेसऽजमा णोकसाय देसजमे ।
अट्ठंतिल्लकसाया आदिमणवजोग सगतीसा ॥५३॥
त्रसासंयमवर्जिता: शेषायमा नोकषाया देशयमे ।
अष्टौ अन्तिमकषाया आदिमनवयोगा: सप्तत्रिंशत् ॥
अन्वयार्थ : देशसंयम में त्रसवध से रहित ११ अविरति, नव नोकषाय और प्रत्याख्यान, संज्वलन की ८ कषाय आदि के नव योग ये ३७ आस्रव होते हैं ॥५३॥