+ अन्वय-दृष्टान्त का लक्षण -
साध्यव्याप्तं साधनं यत्रा प्रदर्श्यते सोऽन्वयदृष्टान्तः ॥44॥
अन्वयार्थ : [साध्यव्याप्तं] साध्य से व्याप्त [साधनम्] साधन को [यत्रा] जहाँ [प्रदर्श्यते] दिखाया जाता है, [सः] वह [अन्वयदृष्टान्तः] अन्वय-दृष्टान्त है। (साध्य के साथ जहाँ साधन की व्याप्ति दिखलाई जाती है, वह अन्वय-दृष्टान्त है।)
Meaning : The example (drushtānta) which shows infallible concomitance (vyāpti) – in presence of the object-to-beproved (sādhya) the means (sādhana) must be present – is of the infallible-affirmation (anvaya) kind.

  टीका