टीका
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अविरुद्धसहचरोपलब्धि (सहचरहेतु) का उदाहरण
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अस्त्यत्र मातुलिङ्गे रूपं रसात् ॥66॥
अन्वयार्थ :
[अत्र]
यहाँ
[मातुलिङ्गे]
बिजौरा फल में
[रूपं]
रूप
[अस्ति]
है
[रसात्]
रस होने से।
(रस, रूप का अविरोधी सहचर है।)
Meaning :
This citron
(fruit)
has the form
(rūpa)
because it has the juice
(rasa)
.
टीका