+ विरुद्धोपूर्वचरोपलब्धि हेतु -
नोदेष्यति मुहूर्तान्ते शकटं रेवत्युदयात् ॥71॥
अन्वयार्थ : एक मुहूर्त के पश्चात् रोहिणी उदय नहीं होगा क्योंकि अभी रेवती नक्षत्र का उदय हो रहा है ।

  टीका