+ विरुद्धोसहचरोपलब्धि हेतु -
नास्त्यत्र भित्तौ परभागाभावोऽर्वाग्भागदर्शनात् ॥73॥
अन्वयार्थ : इस दीवाल में उस ओर के भाग का अभाव नहीं है क्योंकि इस ओर का भाग दिखाई दे रहा है ।

  टीका