अन्वयार्थ : इस प्राणी में व्याधि-विशेष है क्योंकि निरामय (रोग रहित) चेष्टा नहीं पाई जाती है ।
टीका
टीका :
इस प्राणी में व्याधि विशेष है, निरामय चेष्टा नहीं होने से । यहाँ पर व्याधि विशेष के सद्भाव साध्य से विरोधि व्याधि विशेष के अभाव के कार्य नीरोग चेष्टा की अनुपलब्धि है । इसलिए यह हेतु विरुद्ध कार्यानुपलब्धि हेतु हुआ ।