
टीका :
जिस पदार्थ का कभी धारणारूप अनुभव नहीं हुआ था, उसके अनुभव को स्मरणाभास कहते हैं। जैसे - जिनदत्त का स्मरण करके वह देवदत्त इस प्रकार का ज्ञान स्मरणाभास है। स्मरणाभास - जिस पदार्थ का कभी धारणा रूप अनुभव नहीं हुआ था उसके अनुभव को स्मरणाभास कहते हैं। |