+ अनुमानबाधितपक्षाभास -
अपरिणामी शब्दः कृतकत्वात् ॥17॥
अन्वयार्थ : शब्द अपरिणामी है, कृतक होने से।

  टीका 

टीका :

अपरिणामी शब्द है, किया जाने वाला होने से (जो जो किया जाने वाला है, वह वह अपरिणामी होता है। जैसे - घड़ा। यह अनुमान बाधितपक्षाभास का उदाहरण है। इससे इस पक्ष में शब्द परिणामी है, कृतक होने से, जो जो कृतक होता है, वह वह परिणामी होता है। जैसे-घड़ा। इस प्रकार अनुमान से बाधा आती है। सूत्र में पक्ष (शब्द अपरिणामी) यह पक्ष कृतक इस हेतु से बाधित है क्योंकि कृतक हेतु से तो परिणामीपने की ही सिद्धि होती है।