
टीका :
अग्नि ठण्डी होती है, क्योंकि वह द्रव्य है। जैसे - जल। इसमें अग्नि उष्ण नहीं है ऐसा कहना, इसलिए यह पक्ष स्पर्शन प्रत्यक्ष से बाधित है। विशेष : किन्तु स्पर्शन प्रत्यक्ष से अग्नि उष्ण स्पर्श वाली ही अनुभव की जाती है, इसलिए प्रत्यक्षबाधित पक्षाभास का उदाहरण है। |