+ असिद्धहेत्वाभास का और भी दृष्टान्त -
सांख्यम्प्रति परिणामी शब्दः कृतकत्वात् ॥27॥
अन्वयार्थ : सांख्य के प्रति कहना है कि शब्द परिणामी है क्योंकि वह कृतक है।

  टीका 

टीका :

शब्द परिणामी है, कृतक होने से। इस प्रकार के कथन को सांख्य के प्रति कहना असिद्ध हेत्वाभास है।