
टीका :
साध्य से विपरीत पदार्थ के साथ जिन हेतु का अविनाभाव निश्चित है वह विरुद्ध हेत्वाभास है - अपरिणामी शब्द है, कृतक होने से । यहाँ पर इस हेतु का अपरिणामी.के विरुद्ध परिणामी के साथ व्याप्ति है। इसलिए यह हेतु विरुद्धहेत्वाभास अच्छी तरह से सिद्ध है। इस अनुमान में कृतकत्व हेतु अपरिणामी के विरोधी परिणाम के साथ व्याप्त है, इसलिए यह विरुद्धहेत्वाभास है। |