+ विरुद्ध हेत्वाभास -
विपरीतनिश्चिताविनाभावो विरुद्धोऽपरिणामी शब्दः कृतकत्वात् ॥29॥
अन्वयार्थ : साध्य से विपरीत पदार्थ के साथ जिसका अविनाभाव निश्चित हो, उसे विरुद्धहेत्वाभास कहते हैं, जैसे शब्द अपरिणामी है, क्योंकि वह कृतक है।

  टीका 

टीका :

साध्य से विपरीत पदार्थ के साथ जिन हेतु का अविनाभाव निश्चित है वह विरुद्ध हेत्वाभास है - अपरिणामी शब्द है, कृतक होने से । यहाँ पर इस हेतु का अपरिणामी.के विरुद्ध परिणामी के साथ व्याप्ति है। इसलिए यह हेतु विरुद्धहेत्वाभास अच्छी तरह से सिद्ध है।

इस अनुमान में कृतकत्व हेतु अपरिणामी के विरोधी परिणाम के साथ व्याप्त है, इसलिए यह विरुद्धहेत्वाभास है।