+ चार अवयवों के प्रयोग करने पर तदाभासता -
धूमवाँश्चायम् ॥48॥
अन्वयार्थ : और यह भी धूम वाला है।

  टीका 

टीका :

घर, यह यह प्रदेश अग्नि वाला है, धूम वाला होने से, जो धूम वाला होता है, वह अग्नि वाला होता है, जैसे-रसोई धूम वाला है। इस अनुमान प्रयोग में प्रतिज्ञा, हेतु, उदाहरण, उपनय, इन चार अवयवों का ही प्रयोग किया गया है। निगमन को छोड़ दिया गया है। इसलिए यह प्रयोग बालप्रयोगाभास जानना चाहिए।