
टीका :
नदी के किनारे लड्डुओं के ढेर लगे हैं, बालको दौड़ो। इस प्रकार का वचन आगमाभास है, क्योंकि यह वचन रागोक्त है। (राग से कहा गया है) । विशेषार्थ : कोई व्यक्ति बालकों से परेशान (व्याकुलाचित्त) था उसने उन बालकों का साथ छुड़ाने की इच्छा से छल पूर्वक वाक्य कहकर उन्हें नदी के तट प्रदेश पर भेजा। वस्तुतः नदी के किनारे पर मोदक नहीं थे, इसलिए यह वचन आगमाभास है। |