+ दोनों वाक्यों में आगमाभासपना कैसे? -
विसंवादात् ॥54॥
अन्वयार्थ : विसंवाद होने से।

  टीका 

टीका :

आगम प्रमाण का अंग है और प्रमाण को अविसंवादि होना चाहिए, इसलिए विवादग्रस्त होने से पूर्वोक्त वचन आगमाभास है। आगमरूप से प्रमाण किसे नहीं माना जा सकता है। जिन पुरुषों के वचनों में विसंवाद, विवाद, पूर्वापर विरोध या विपरीत अर्थप्रतिपादकपन पाया जाता है, वे आगम स्वरूप नहीं हैं।