+ असद्भूत व्‍यवहार-नय के प्रकार -
असद्भूतव्‍यवहारो द्विविधः उपचरितानुपचरितभेदात् ॥226॥
अन्वयार्थ : उपचरित और अनुपचरित के भेद से असद्भूतव्‍यवहार नय भी दो प्रकार का है ।

  मुख्तार 

मुख्तार :

असद्भूत व्‍यवहारनय के दो भेद हैं - १. उपचरितासद्भूत व्‍यवहारनय, २. अनुपचरितासद्भूत व्‍यवहारनय । इनका स्‍वरूप क्रमशः सूत्र २२७ व २२८ में कहा जायगा ।