
विशेष :
जिस प्रकार मतिज्ञान में दर्शन शब्द प्रयुक्त होता है, वैसे ही यह अवधिज्ञान में भी लागू होता है, क्योंकि अवधिज्ञान भी इन्द्रियों की सहायता से अस्पृष्ट एवं अग्राह्य पदार्थों को स्पष्ट रूप से प्रत्यक्ष जानता है । दर्शन शब्द की व्याख्या के अनुसार अस्पृष्ट पदार्थ अवधिज्ञान के प्रत्यक्ष होते हैं, इसलिए अवधिज्ञान में दर्शन शब्द का प्रयुक्त होना उपयुक्त है । |