+ नाना जीवों में पाए जाने वाले उत्तरभाव -
नाना जीवों में पाए जाने वाले उत्तरभाव

  विशेष 

विशेष :


नाना जीवों में पाए जाने वाले उत्तरभाव
गुणस्थान सिद्ध
1 2 3 4 5 6/7 8/9 10 11 12 13 14
औदयिक (21) गति (4) मनुष्य ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ -
तिर्यञ्च ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ - - - - - - - -
देव,नारकी ✔ ✔ ✔ ✔ - - - - - - - - -
वेद (3) ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ - - - - - -
कषाय (4) क्रोध,मान,माया ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ - - - - - -
लोभ ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ - - - - -
मिथ्यात्व ✔ - - - - - - - - - - - -
लेश्या (6) कृष्ण,नील,कापोत ✔ ✔ ✔ ✔ - - - - - - - - -
पीत,पद्म ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ - - - - - - -
शुक्ल ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ - -
असिद्धत्व ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ -
असंयम ✔ ✔ ✔ ✔ - - - - - - - - -
अज्ञान ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ - - -
क्षायोपशमिक (18) ज्ञान (4) मति,श्रुत,अवधि - - - ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ - - -
मन:पर्यय - - - - - ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ - - -
दर्शन (3) चक्षु,अचक्षु ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ - - -
अवधि - - - ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ - - -
कुमति,कुश्रुत,विभंग ✔ ✔ ✔ - - - - - - - - - -
दान,लाभ,भोग,उपभोग,वीर्य ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ - - -
वेदक सम्यक्त्व - - - ✔ ✔ ✔ - - - - - - -
सराग-चारित्र - - - - - ✔ - - - - - - -
संयमासंयम - - - - ✔ - - - - - - - -
औपशमिक (2) सम्यक्त्व - - - ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ - - - -
चारित्र - - - - - - ✔ ✔ ✔ - - - -
क्षायिक (9) ज्ञान, दर्शन - - - - - - - - - - ✔ ✔ ✔
सम्यक्त्व - - - ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ ✔
चारित्र - - - - - - ✔ ✔ - ✔ ✔ ✔ ✔
दान,लाभ,भोग,उपभोग,वीर्य - - - - - - - - - - ✔ ✔ ✔
पारिणामिक (3) जीवत्व ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ ✔
भव्यत्व ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ ✔ -
अभव्यत्व ✔ - - - - - - - - - - - -
कुल 34 32 32 36 31 31 29 23 21 20 14 13 10
गोम्मटसार कर्मकाण्ड -- गाथा 820