+ दर्शन के नाम -
(दोहरा)
दरस विलोकनि देखनौं, अवलोकनि द्रगचाल ।
लखन द्रष्टि निरखनि जुवनि, चितवनि चाहनि भाल ॥४७॥
अन्वयार्थ : (दोहरा)
दरस विलोकनि देखनौं, अवलोकनि द्रगचाल ।
लखन द्रष्टि निरखनि जुवनि, चितवनि चाहनि भाल ॥४७॥