
सयल-वियप्पहँ जो विलउ परम-समाहि भणंति ।
तेण सुहासुह-भावडा मुणि सयल वि मेल्लंति ॥190॥
सकलविकल्पानां यः विलयः (तं) परमसमाधिं भणन्ति ।
तेन शुभाशुभभावान् मुनयः सकलानपि मुञ्चन्ति ॥१९०॥
अन्वयार्थ : [यः] जो [सकलविकल्पानां] समस्त विकल्पों का [विलयः] नाश है, उसको [परमसमाधिं भणंति] परमसमाधि कहते हैं, [तेन] इस से [मुनयः] मुनिराज [सकलानपि] सभी [शुभाशुभविकल्पान्] शुभ-अशुभ विकल्पों को [मुंचंति] छोड़ देते हैं ॥१९०॥
Meaning : To become free from all Vikalpas is called Parama Samadhi, therefore the Munis give up all good and bad thoughts.
श्रीब्रह्मदेव