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जीवाजीवहँ भेउ, जो जाणइ तिं जाणियउ
मोक्खहँ कारण एउ, भणइ जोइ जोइहिँ भणिउ ॥38॥
जो जीव और अजीव के गुणभेद को पहिचानता
है वही ज्ञानी जीव वह ही मोक्ष का कारण कहा ॥
अन्वयार्थ : [जीवाजीवहँ भेउ] जीव और अजीव के भेद को [जो जाणइ तिं जाणियउ] जो जानता है, वही वास्तव में सब कुछ जानता है, [मोक्खहँ कारण एउ भणइ] मोक्ष का कारण इसी को कहा है [जोइ] हे योगी ! [जोइहिँ भणिउ] ऐसा योगियों ने कहा है ।