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शंका -- उत्पादादि तीनों में अविनाभाव कैसे?
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ननु चोत्पादेन सता कृतमसतैकेन वा व्ययेनाऽथ ।
यदि व ध्रौव्येण पुनर्यदवश्यं तत्त्रयेण कथमिति चेत् ॥248॥
अन्वयार्थ :
या तो सद्रूप एक उत्पाद ही मानो, या असद्रूप एक व्यय ही मानो अथवा एक ध्रौव्य ही मानो, इन तीनों को क्यों मानते हो ?