
अथ किं काल विशेषादेकः पूर्वं ततोऽपरः पश्चात् ।
आमानामविशिष्टं पृथिवीत्व॑ तद्यथा तथा कमिति ॥346॥
अन्वयार्थ : अथवा काल भेद से एक पहले और दूसरा पीछे होता है क्या ? जिस प्रकार कि कच्ची पक्की मिट्टी आगे पीछे होती है उसी प्रकार ये सत् और परिणाम हैं क्या ?