+ मूर्त का लक्षण -
स्पर्शो रसश्च गन्धश्च वर्णोऽमी मूर्तिसंज्ञकाः ।
तद्योगान्मूर्तिमद्द्रव्यं तदयोगादमूर्तिमत्‌ ॥9॥
अन्वयार्थ : रूप, रस, गन्ध, वर्ण का नाम ही मूर्ति है । जिसमें मूर्ती पाई जाय वही मूर्त द्रव्य कहलाता है और जिसमें रूप, रस, गन्ध, वर्णरूप मूर्ती नहीं पाई जाय वही
अमूर्त द्रव्य कहलाता है ।