+ शंका -- क्या ज्ञान आत्मा से अन्यत्र संक्रांत होता है ? -
नतु चेति प्रतिज्ञा स्यादर्थादर्थान्तरे गतिः ।
आत्मनोऽन्यत्र तत्रास्ति ज्ञानसंचेतनान्तरम् ॥846॥
अन्वयार्थ : ज्ञान की एक पदार्थ से दूसरे पदार्थ में संक्रान्ति होती है यदि यह प्रतिज्ञा है तो क्या आत्मा से भिन्न दूसरे पदार्थ में भी ज्ञानचेतना होती है ?