ननु चेदाश्रयासिद्धो विकल्पो व्योमपुष्पवत्‌ ।
तत्किं हेतुः प्रसिद्धोऽस्ति सिद्ध: सर्वविदागमात्‌ ॥900॥
अन्वयार्थ : सम्यक्त्व और ज्ञान को जो विकल्पात्मक बतलाया है सो यह विकल्प आकाशफूल के समान आश्रयासिद्ध है। तब फिर यह बतलाइये कि सर्वज्ञ देव के आगमानुसार ऐसा कौन सा अबाधित हेतु सिद्ध है जिससे यह जाना जा सके कि सम्यक्त्व और ज्ञान विकल्पात्मक है ?