+ शंका -- क्या जीव सर्वथा चैतन्यमात्र ही हैं या उनमें अन्य गुण भी पाये जाते हैं ? -
ननु चिन्मात्र एवास्ति जीव: सर्वोऽपि सर्वथा ।
किं तदाद्या गुणाश्चान्ये सन्ति तत्रापि केचन ॥939॥
अन्वयार्थ : क्या सभी जीव सर्वथा चैतन्यमात्र ही हैं या उनमें चैतन्य आदि अन्य गुण भी पाये जाते हैं ?