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शंका -- बंध के साधक का नियम क्या है?
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सर्वे जीवमया भावा दृष्टान्तो बन्धसाधकः ।
एकत्र व्यापक: कस्मादन्यत्राव्यापक: कथम् ॥1034॥
अन्वयार्थ :
सब भाव जीवमय हैं, और दृष्टान्त बन्ध का साधक है । फिर यह एक जगह क्यों तो व्यापक है और दूसरी जगह क्यों अव्यापक है ?