जे पढिया जे पंडिया जाहिं मि माणु मरट्टु ।
ते महिलाण हि पिडि पडिय भमियहं जेम घरट्टु ॥156॥
अन्वयार्थ : जो पढ़े-लिखे हैं, जो पंडित हैं, जो मान-मर्यादावाले हैं, वह भी महिलाओं के पिण्ड में पढ़कर चक्की के पाट के समान चक्कर काटते हैं ।