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ज्ञेयो दृश्योऽपि चिद्रूपो ज्ञाता दृष्टा स्वभावतः ।
न तथाऽन्यानि द्रव्याणि तस्माद् द्रव्योत्तमोऽस्ति सः ॥10॥
चिद्रूप ज्ञाता दृष्टा भी, है ज्ञेय दृश्य स्वभाव से ।
अतएव सर्वोत्तम यही, इसके समान न अन्य हैं ॥१०॥
अन्वयार्थ : यद्यपि यह चिद्रूप, ज्ञेय-ज्ञान का विषय दृश्य-दर्शन का विषय है। तथापि स्वभाव से ही यह पदार्थों का जानने और देखने वाला है, परन्तु अन्य कोई पदार्थ ऐसा नहीं जो झेय और दृश्य होने पर जानने देखने वाला हो, इसलिये यह चिद्रूप समस्त द्रव्यों में उत्तम है ।