+ अति संक्षेप में मोक्ष के कारण -
चिद्रूपः केवलः शुद्ध आनंदात्मेत्यहं स्मरे ।
मुक्त्यै सर्वज्ञोपदेशः श्लोकार्द्धेन निरूपितः ॥22॥
पर से पृथक् चिद्रूप केवल, शुद्ध आनन्दमयी मैं ।
जिन देशना इस अर्ध पद में, मुक्ति-हेतु ध्या इसे ॥३.२२॥
अन्वयार्थ : यह चिद्रूप अन्य द्रव्यों के संसर्गसे रहित केवल है, शुद्ध है और आनन्द स्वरूप है, ऐसा मैं स्मरण करता हूँ; क्योंकि जो यह आधे श्लोक में कहा गया भगवान सर्वज्ञ का उपदेश है वह ही मोक्ष का कारण है ॥२२॥