गणकचिकित्सकतार्किकपौराणिकवास्तु शब्दशास्त्रज्ञाः ।
संगीतादिषु निपुणाः सुलभा न हि तत्त्ववेत्तारः ॥3॥
बहु ज्योतिषी तार्किक चिकित्सक, वास्तु व्याकरणादि विद् ।
संगीत पौराणिक निपुण, हैं अनेकों नहिं तत्त्वविद् ॥३॥
अन्वयार्थ : [गणक-चिकित्सक-तार्किक-पौराणिक-वास्तु-शब्द-शास्त्रज्ञा] ज्योतिषी, वैद्य, तार्किक, पुराण के वेत्ता, पदार्थ-विशेषज्ञ, व्याकरण-शास्त्र के ज्ञाता [संगीत+आदिषु] संगीत आदि में [निपुणा] प्रवीण [सुलभा] (अनेकों होने से मिलना, होना) सुलभ हैं [हि] परन्तु [तत्त्व-वेत्तार] तत्त्व के जानकार (अति विरल हैं) ॥३॥