आदेशोऽयं सद्गुरूणां रहस्यं सिद्धांतानामेतदेवाखिलानां ।
कर्तव्यानां मुख्यकर्तव्यमेतत्कार्या यत्स्वे चित्स्वरूपे विशुद्धिः ॥23॥
सद् गुरु का आदेश यह, सब शास्त्र का है सार ही ।
कर्तव्य में कर्तव्य पहला, करो निज चित् विशुद्धि ॥१३.२३॥
अन्वयार्थ : अपने चित्स्वरूप में विशुद्धि प्राप्त करना - यही उत्तम गुरुओं का उपदेश है, समस्त सिद्धान्तों का रहस्य और समस्त कर्तव्यों में मुख्य कर्तव्य है ।