
जचंदछाबडा :
कष्ट आने पर बारह अनुप्रेक्षाओंका चिन्तन करना योग्य है । इनके नाम ये हैं -- १ अनित्य, २ अशरण, ३ संसार, ४ एकत्व, ५ अन्यत्व, ६ अशुचित्व, ७ आस्रव, ८ संवर, ९ निर्जरा, १० लोक, ११ बोधिदुर्लभ, १२ धर्म-इनका और पच्चीस भावनाओं का भाना बड़ा उपाय है । इनका बारम्बार चिन्तन करने से कष्ट में परिणाम बिगड़ते नहीं हैं, इसलिये यह उपदेश है ॥९६॥ |