+ गर्भवास का भय -
घोरे णिरयसरिच्छे कुंभीपाए सुपच्चमाणाणं ।
रुहिरचलाविलपउरे वसिदव्वं गब्भवसदीसु ॥808॥
अन्वयार्थ : नरक के समान भयंकर सन्तप्यमान कुम्भीपाक सदृश रुधिर के चलायमान कीचड़ से व्याप्त गर्भवास में नव महीने तक रहना पड़ेगा ।