लवणोए कालोए अंतिम -जलहिम्मि जलयरा संति
सेस-समुद्देसु पुणो ण जलयरा संति णियमेण ॥144॥
अन्वयार्थ : [लवणोए कालोए] लवणोदधि समुद्र में, कालोदधि समुद्र में [अंतिमजलहिम्मि जलयरा संति] अन्त के स्वयंभूरमण समुद्र में जलचर जीव हैं [सेससमुद्देसु पुणो] और अवशेष बीच के समुद्रों में [णियमेण जलयरा ण संति] नियम से जलचर जीव नहीं हैं ।

  छाबडा