बादरलद्धि-अपुण्णा असंखलोया हवंति पत्तेया
तह य अपण्णा सुहुमा पुण्णा वि य संखगुणगणिया ॥149॥
अन्वयार्थ : [परोया] प्रत्येक वनस्पति तथा [वादरलद्धिअपुण्णा] बादर लब्ध्यपर्याप्तक जीव [असंखलोया हवंति] असंख्यात लोकप्रमाण हैं [तह य अपुण्णा सुहुमा] इसी तरह सूक्ष्मअपर्याप्त असंख्यात लोकप्रमाण हैं [पुण्णा वि य संखगुणगणिया] और सूक्ष्मपर्याप्तक जीव संख्यातगुणे हैं ।

  छाबडा