
सिद्धा संति अणंता सिद्धाहिंतो अणंत-गुण-गुणिया
होंति णिगोदा जीवा भागमणंतं अभव्वा य ॥150॥
अन्वयार्थ : [सिद्धा अणंता संति] सिद्ध जीव अनन्त हैं [सिद्धाहिंतो अणंतगुणगणिया णिगोदा जीवा होंति] सिद्धों से अनन्तगुणे निगोदिया जीव हैं [भाग अणंता अभव्या य] और सिद्धों के अनन्तवें भाग अभव्य जीव हैं ।
छाबडा